सबके जीवन में कोई एक पल ऐसा जरूर आता हैं जब उसको लगता हैं की उसका कोई सपना पूरा हो गया हैं । सपा संरक्षक एवं तीन बार उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री रहे । देश के रक्षा मंत्री रहे धरतीपुत्र स्व ० मुलायम सिंह यादव के निधन के बाद समाजवादी पार्टी के गाजियाबाद से अनुसूचित जाति जनजाति प्रकोष्ठ के महानगर अध्यक्ष सचिन सिद्धार्थ जाटव उस पल को याद कर भावुक हुए जब उनकी प्रथम बार मुलाकात नेता जी से हुई थी।
सचिन बताते हैं की 3 वर्ष पूर्व जब लोकसभा 2019 के चुनाव की तैयारी चल रही थी तब वह 15 मार्च 2019 को लखनऊ अपने खास मित्र नवीन प्रेम के साथ पहुंचे थे । पार्टी के प्रदेश कार्यालय के सभागार में नेता जी का आगमन होता है और सभागार में सैकड़ों लोगों की भीड़ उठकर नेता जी की जय जयकार करने लगती हैं। अनेकों जोरदार नारों से नेताजी का स्वागत होता हैं।
भारी सुरक्षा प्रोटोकॉल के बीच नेताजी आकर कुर्सी पर विराजमान होते हैं और वहां बैठे कार्यकर्ताओं को मंच पर बुलाकर अपने विचार रखने का मौका देते हैं और इसी क्रम में सचिन सिद्धार्थ को भी नेताजी मंच पर बोलने का अवसर देते है इसी दौरान सचिन सिद्धार्थ की पार्टी में नेताजी द्वारा ज्वाइनिंग होती हैं और नेताजी सचिन सिद्धार्थ को आशीर्वाद देते हुए कहते हैं जिनको हम आशीर्वाद देते हैं वो विधायक सांसद बनते हैं आज से तुम समाजवादी हो गए हो । उसके बाद से सचिन सिद्धार्थ गाजियाबाद में पार्टी में एक अलग पहचान रखते हैं ।सचिन सिद्धार्थ ने सोशल मीडिया पर पोस्ट साझा करते हुए लिखा की नेताजी से उनकी ये मुलाकात उनके राजनीति के जीवन की सबसे बड़ी अमानत हैं और हमेशा रहेगी ।
सचिन बताते हैं की वो नेताजी के लिए एक साइकिल मोमेंटो फ्रेम कराके नेताजी को देने के लिए साथ ले गए थे लेकिन सुरक्षाकर्मियों द्वारा उसको बाहर सिक्योरिटी ऑफिस में रखा लिया गया ।
मुलाकात के बाद सचिन ने वो मोमेंटो सुरक्षा कर्मी से वापस लिया और बोला ये वो खुद नेताजी को देना चाहते हैं। इतने में ही नेताजी की गाड़ियों का काफिला पार्टी ऑफिस से बाहर की और चलने लगा । सचिन ने वो साइकिल मोमेंटो ऊपर उठाया जिसपे नेता जी की नजर पड़ी और उन्होंने अपने ड्राइवर को गाड़ी रोकने को कहा और सचिन से वो मोमेंटो स्वीकार करते हुए सचिन के सर पर हाथ फेरते हुए पुचकारा।
सचिन ने सोशल मीडिया पर वो साइकिल मोमेटो भी यादगार के तौर पर साझा किया ।