महंत पंकज त्यागी को मिला धमकी भरा तीसरा पत्र

महंत ने प्रेसवार्ता कर एसएसपी व थाना प्रभारी पर लगाए गंभीर आरोप


सोनिया चौधरी (अपूर्वा)
   गाजियाबाद।
महंत पंकज त्यागी ने जनपद के एसएसपी मुनिराज जी. एवम साहिबाबाद थाना प्रभारी प्रदीप त्रिपाठी पर गंभीर आरोप लगाए हैं। सर तन से जुदा करने की धमकी भरा तीसरा पत्र मिलने के बाद पंकज त्यागी ने मंगलवार को एक प्रेसवार्ता का आयोजन किया। पूरी प्रेसवार्ता के दौरान वह पुलिस प्रशासन पर भड़कते नजर आए। उन्होंने एसएसपी एवम साहिबाबाद थाना प्रभारी पर जमकर अपनी भड़ास निकाली।
    वरिष्ठ बीजेपी नेता महंत मार्तण्ड पशुपति पंकज त्यागी ने कहा कि मुझे धमकी भरे तीन पत्र मिल चुके हैं। जिनके लिए वह थाने से लेकर एसएसपी तक मदद की गुहार लगा चुके हैं, लेकिन कोई सुनवाई नहीं हो रही है। उन्होंने कहा कि चोरों की गाड़ी थाने के अंदर तक जाती है, लेकिन साहिबाबाद इंस्पेक्टर मेरी गाड़ी थाने के अंदर नहीं जाने देते हैं। साहिबाबाद थाना प्रभारी ने मेरे ड्राइवर से बदतमीजी की।

   जनपद के एसएसपी पर आरोप लगाते हुए पंकज त्यागी ने कहा कि एसएसपी से लेकर इंस्पेक्टर तक मुझे मरवाने की साजिश कर रहे हैं। मुझे कुछ होता है तो उसके लिए एसएसपी से लेकर इंस्पेक्टर तक जिम्मेदार होंगे। उन्होंने कहा कि मेरा परिवार परेशान है और साहिबाबाद इंस्पेक्टर हँस रहे हैं। साहिबाबाद थाना प्रभारी को सस्पेंड करवा कर रहूँगा। बीजेपी सरकार होने के बावजूद यह लोग समाजवादी पार्टी के दलाल बने हुए हैं, इन सभी को सस्पेंड होना  चाहिए।
   महंत ने कहा कि मैं और परिवार भयभीत हैं। स्वयं से अधिक मुझे अपने बच्चों का डर है। मुझे जनपद की पुलिस पर भरोसा नहीं है। यह लोग मेरी हत्या होने का इंतजार कर रहे हैं।
     एक सवाल के जवाब में पंकज त्यागी ने कहा कि उनकी न किसी से दुश्मनी है और न उन्हें किसी पर शक है। उनकी गलती सिर्फ इतनी है कि वह उन्होंने नूपुर शर्मा का समर्थन किया है। अगर किसी हिन्दू का साथ देना अपराध है तो वह अपराधी हैं।
प्रेसवार्ता के दौरान पंकज त्यागी ने मीडिया का आभार जताते हुए कहा कि मैं मीडिया का आभारी हूँ, मीडिया न होती तो अब तक मेरी हत्या हो गई होती।

      बता दें कि साहिबाबाद थाना क्षेत्र में रहने वाले वरिष्ठ भाजपा नेता महंत मार्तण्ड पशुपति उर्फ पंकज त्यागी को 17 अगस्त को एक धमकी भरा पत्र मिला था, जिसमें उनको देख लेने की बात लिखी थी। पत्र मिलने के बाद महाराज ने साहिबाबाद पुलिस को एक प्रार्थना पत्र देकर अवगत कराया जिसके बाद साहिबाबाद पुलिस ने उस पत्र के आधार पर अज्ञात के खिलाफ 506 धारा के तहत मुकदमा पंजीकृत किया। लेकिन उसके बाद दोबारा 10 दिन बाद एक और धमकी भरा पत्र उनके यहां आया। जिस पत्र में साफ तौर पर लिखा था, तुम्हारी एक ही सजा सर तन से जुदा। जिसके बाद महंत मार्तण्ड पशुपति उर्फ पंकज त्यागी ने दोबारा स्थानीय पुलिस व उच्च अधिकारियों को अवगत कराया। इसके बाद पंकज त्यागी को तीसरा पत्र उर्दू में लिखा मिला। लगातार धमकी भरे पत्र मिलने के बावजूद पुलिस के उदासीन रवैये से आहत पंकज त्यागी ने जनपद के एक रेस्टोरेंट में प्रेसवार्ता का आयोजन किया।