क्राइम ब्रांच टीम ने झारखण्ड से तस्करी कर लाई जा रही 05 किलोग्राम अफीम सहित 05 अर्न्तराज्यीय तस्करों को गिरफ्तार किया
सोनिया चौधरी (अपूर्वा)
ग़ाज़ियाबाद। जल्द अमीर बनने के चक्कर में ग्रेजुएट पास युवक अंतर्राज्यीय स्तर पर नशीले पदार्थों की तस्करी करने लगा। वह अपने साथियों के साथ मिलकर नशीले पदार्थ की सप्लाई करने जा रहा था, तभी जनपद ग़ाज़ियाबाद की क्राइम ब्रांच टीम के हत्थे चढ़ गया। क्राइम ब्रांच की टीम ने अभियुक्त को साथियों सहित गिरफ्तार करके भारी मात्रा में अफीम बरामद की है। जिसकी बाजार में कीमत करोड़ रूपये है। गिरफ्तार अभियुक्तों में एक महिला भी शामिल है।
तस्करों के बारे में जानकारी देते हुए एसपी सिटी फर्स्ट निपुण अग्रवाल ने बताया कि क्राइम ब्रान्च द्वारा थाना कविनगर क्षेत्र में डाइमण्ड फ्लाईओवर के पास झारखण्ड से तस्करी कर लाई जा रही 05 किलोग्राम अफीम सहित 05 अर्न्तराज्यीय तस्करों श्याम बिहारी, विनोद गुप्ता, गवेन्द्र, देवेन्द्र व 01 महिला को गिरफ्तार किया गया है। अभियुक्तों के क़ब्ज़े से एक कार एवं 05 किलोग्राम अफीम बरामद की गई है। बरामद अफीम की अन्तर्राष्ट्रीय बाजार में कीमत लगभग 01 करोड़ रूपये है।
पुलिस अधीक्षक नगर प्रथम ने बताया कि अभियुक्त विनोद गुप्ता ग्रेजुएट है और ई-रिक्शा चलाता था, उसमें ज्यादा आमदनी नहीं थी, इसी कारण इसने अपने साथियों के साथ मिलकर मादक पदार्थों की तस्करी का काम शुरू कर दिया। पुलिस से बचने के लिए तस्करी करते समय महिला भी साथ रहती थी।
तस्करी करने के तरीके के बारे में जानकारी देते हुए एसपी सिटी फर्स्ट ने बताया कि यह लोग उत्तर भारत में अफीम की तस्करी करते हैं। रांची से कभी बस, कभी ट्रेन व कभी कार से अफीम लेकर चलते हैं। अफीम व अन्य नशीले पदार्थ लेकर उत्तर प्रदेश के बरेली, अलीगढ़, गाजियाबाद, दिल्ली व एनसीआर क्षेत्रों में आते हैं। अफीम का ऑर्डर मिलने के बाद यह अकाउंट में पैसा डलवा लेते हैं। जिसके बाद यह गाड़ियां बदल-बदलकर इन नशीले पदार्थों की डिमाण्ड के अनुसार सप्लाई करते हैं। इस दौरान यह सर्विलांस से बचने के लिए डिलिवरी होने तक अपने मोबाइल फोन बंद रखते हैं। इनका गिरोह एनसीआर, उ०प्र०, उत्तराखण्ड, हरियाणा, पंजाब, राजस्थान, दिल्ली में नशीले पदार्थों की सप्लाई करता है।
क्राइम ब्रांच प्रभारी अब्दुर रहमान सिद्दीकी ने बताया कि अभियुक्त श्यामबिहारी कक्षा-8 तक पढ़ा है व फैजुल्लापुर थाना अलीगंज जिला बरेली में जूते-चप्पल की दुकान करता है। दुकान की आड़ में, यह मादक पदार्थों का भी अवैध व्यापार करने लगा है। श्याम बिहारी झारखण्ड से मंगाये हुए माल को लेने के लिए किराये पर गाड़ी लेकर आता है व अफीम लेकर अपने साथी गवेन्द्र के साथ सप्लाई करता है। ईको कार का ड्राइवर व मालिक देवेन्द्र पहले भी इन लोगों के साथ अफीम की तस्करी कर चुका है। पूछताछ के बाद अभियुक्तों को जेल भेजा जा रहा है।